सेवा एवं संस्कार
त्योहारों का ज्ञान और शास्त्रीय विधि
भारतीय त्योहारों की सही विधि, महत्व और संस्कृति का प्रचार-प्रसार, ताकि हर घर में परंपरा, श्रद्धा और संस्कार जीवित रहें।
- प्रामाणिक जानकारी
- सरल भाषा में मार्गदर्शन
- घर-घर तक संस्कृति
कार्यक्रम का परिचय
शिक्षा, परस्पर सौहार्द, मर्यादा एवं संस्कार के संरक्षण और पालन के लिए हम पाँच कसमें खाएँगे जिससे हमारी और आने वाली पीढ़ियाँ खुशहाल होकर जी सकेंगी। ये पाँच प्रण हमारे सांस्कृतिक आध्यात्मिक शील हैं जो भारतीय सभ्यता के प्रत्येक नागरिक के आचरण में परिलक्षित होने चाहिए।
- व्याख्यान और कार्यशालाएँ - त्यौहारों के महत्व और सही विधि पर योग्य और अधिकृत व्यक्तियों द्वारा व्याख्यानमाला का आयोजन।
- आधुनिक विज्ञान और शास्त्र का मेल बताते हुए पर्यावरणीय-आध्यात्मिक सांस्कृतिक महत्व बताना।
- शास्त्रसम्मत तिथि वार और मुहुर्त का अभिज्ञान। सरल पांचांग वितरण।
- दीपावली, होली, नवरात्र आदि बड़े और महत्वपूर्ण अवसरों पर वृद्ध जनों की उपस्थिति में उत्सव मनाया जाएगा।
“हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक त्योहार केवल उत्सव न रहकर, ज्ञान, भक्ति और संस्कार का माध्यम बने, जो व्यक्ति, परिवार और समाज के जीवन को समृद्ध करे।”
कार्यक्रम एक नज़र में
उद्देश्य
त्योहारों का सही ज्ञान और शास्त्रीय विधि का जन-जन तक प्रसार
लाभार्थी
सभी आयु वर्ग - परिवार, युवा, महिलाएँ, विद्यार्थी और समाज के सभी वर्ग
आयोजन स्वरूप
ऑनलाइन लेख, वीडियो, कार्यशाला, सत्संग एवं सामुदायिक कार्यक्रम
स्थान
मंदिर, सामुदायिक स्थल, विद्यालय, डिजिटल माध्यम और ग्राम स्तर
