सेवा एवं संस्कार
व्यक्ति निर्माण के पंच प्रण
शिक्षा, परस्पर सौहार्द, मर्यादा एवं संस्कार के संरक्षण और पालन के लिए पाँच संकल्प
- व्यक्ति निर्माण
- समाज जागरण
- सभी पीढ़ियों के लिए
कार्यक्रम का परिचय
शिक्षा, परस्पर सौहार्द, मर्यादा एवं संस्कार के संरक्षण और पालन के लिए हम पाँच कसमें खाएँगे जिससे हमारी और आने वाली पीढ़ियाँ खुशहाल होकर जी सकेंगी। ये पाँच प्रण हमारे सांस्कृतिक आध्यात्मिक शील हैं जो भारतीय सभ्यता के प्रत्येक नागरिक के आचरण में परिलक्षित होने चाहिए।
1

बच्चों को शिक्षित करेंगे
2

गाली नहीं देंगे और आचरण की शुद्धता पर ध्यान देंगे।
3

नशा नहीं करेंगे और नशा के प्रति जागरूकता फैलाएँगे।
4

सबके प्रति प्रेम और सम्मान का भाव रखेंगे।
5

अपनी क्षमता के अनुरूप ज़रूरतमंदों की सहायता करेंगे।
“इन पाँच प्रणों का पालन करके हम अपने व्यक्तित्व, परिवार, समाज और राष्ट्र को एक समृद्ध, संस्कारित और खुशहाल भविष्य की ओर ले जा सकते हैं।”
कार्यक्रम एक नज़र में
उद्देश्य
संस्कारित, शिक्षित और ज़िम्मेदार नागरिकों का निर्माण
सहभागी
बच्चे, युवा, माता-पिता, परिवार, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक
संकल्प
शिक्षा, मर्यादा, नशामुक्ति, प्रेम-सम्मान और ज़रूरतमंदों की सहायता
सामाजिक प्रभाव
खुशहाल परिवार, सशक्त समाज और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण
