सेवा एवं संस्कार

मेरा गाँव, मेरा गौरव

अपने गाँव की पहचान, संस्कृति, स्वावलंबन और विकास के लिए एक सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम का परिचय

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम एक अखिल भारतीय जन संग्राम था जहाँ प्रत्येक गाँव- कस्बे ने अपने को देशहित में न्यौछावर कर दिया। हमारी रत्नगर्भा वसुंधरा ने देशहित में कुछ ऐसे कर्मवीर दिए जिनकी गाथाएं इतिहास में उपेक्षित रह गईं। ऐसे में प्रत्येक गाँव को अपनी जड़ों से जुड़ना आवश्यक है। स्थानीय महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करना तथा उनका सम्मान करना, उनकी परंपराओं को पहचानना और उनका पालन करना हमारा नैतिक और आध्यात्मिक दायित्व है। राष्ट्रीय अभ्युदय मंच का प्रयास है कि हर कस्बे और ग्राम के महान व्यक्तियों की गाथा को आम जनमानस तक पहुंचाया जाये जो इतिहास में उपेक्षित रह गयीं।

"मेरा गाँव, मेरा गौरव - अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपने लोगों के साथ मिलकर एक समृद्ध, स्वावलंबी और संस्कारित गाँव का निर्माण।"

समाज के लिए संदेश

उद्देश्य

गाँव में गौरव, संस्कृति, स्वावलंबन और समग्र विकास को बढ़ावा देना

लाभार्थी

ग्रामवासी – बच्चे, युवा, महिलाएँ, किसान, वरिष्ठ नागरिक

आयोजन स्थान

गाँव, ग्राम पंचायत, सामुदायिक स्थल

समुदाय पर प्रभाव

स्वच्छ, स्वस्थ, शिक्षित, आत्मनिर्भर और संस्कारित ग्राम समाज का निर्माण

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